CO Full Form in Hindi

प्रत्येक छात्र को प्रतिदिन कुछ न कुछ सीखने की आवश्यकता होती है | जिससे वह अधिक से अधिक ज्ञान का अर्जन कर सके | प्रत्येक संस्था में सीओ का एक पद होता है | इसके द्वारा एक निर्धारित क्षेत्र पर नियंत्रण रखा जाता है | पुलिस विभाग में भी एक सीओ का पद होता है इसके द्वारा निर्धारित कार्य क्षेत्र पर कानून व्यवस्था को बनाये रखा जाता है | भारत के कई राज्यों में इस पद का निर्माण किया गया है | जिसके द्वारा राज्य सरकार के आदेशों का पालन कराया जाता है | इस पेज पर CO Full Form in Hindi , CO का मतलब क्या होता है, के विषय में बताया जा रहा है |

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सीओ का फुल फॉर्म (CO Full Form)

सीओ का फुल फॉर्म “Circle Officer” होता है | हिंदी में इसे “अनुमंडल पदाधिकारी” के नाम से जाना जाता है | इसके द्वारा अपने क्षेत्र में सभी प्रकार के कार्यों को संपन्न किया जाता है | मुख्यतः एक सीओ के द्वारा अपने क्षेत्र में होने वाली शिकायत का निवारण किया जाता है | यह प्रत्येक समस्या के समाधान का प्रयास करते है | एक सीओ के रूप में अलग-अलग क्षेत्र में कार्य करना पड़ता है | एक एक सर्किल अफसर के द्वारा एरिया के सभी कार्यों को पूरी ईमानदारी के साथ पूरा करना होता है | एक सर्किल अफसर एक पुलिस अधिकारी होता है, यह भारत के राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश राज्यों में एक स्वतंत्र पुलिस उप-विभाग का प्रमुख होता है, यह पुलिस उपाधीक्षक या सहायक पुलिस आयुक्त के रैंक का अधिकारी होता है |

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CO का मतलब क्या होता है (CO Meaning)?

भारत में कई राज्यों में एक ही रैंक के अधिकारी को भी पुलिस उपाधीक्षक या महानगरीय शहरों या शहरों में नियुक्त किया जाता है | पुलिस बल का नेतृत्व एक पुलिस आयुक्त के द्वारा किया जाता है | सीओ के लिए पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी को चयनित किया जाता है अथवा सहायक पुलिस आयुक्त के अधिकारी का चयन किया जाता है | सीओ का पद कई राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित किया जाता है | इस पद पर व्यक्ति राज्य प्रशासनिक सेवाओं के बीच कार्य करता है | कई विभागों में सीओ के पद पर अलग- अलग कार्य किया जाता है | यदि राजस्व विभाग में सीओ का पद है तो वह राजस्व और भूमि सुधार विभाग के तहत कार्य करता है | सीओ का पद एक ग्रुप बी का पद होता है |

यदि सीओ का पद प्रशासनिक अधिकारियों के रूप में राज्य सरकार के द्वारा निर्धारित किया जाता है तो वह अपने क्षेत्र का दिन भर हो रहे संचालन पर नियंत्रण रखता है | राजस्व विभाग में इसके द्वारा कई माध्यमों से राजस्व का संग्रह किया जाता है | यह संग्रह वह राज्य में प्रचलित कानूनों के अनुसार करता है | एक सीओ के द्वारा पूरे दिन कार्य किया जाता है, यदि राज्य सरकार का कोई आकस्मिक कार्यक्रम है तो उसे रात में भी कार्य करना पड़ता है | राज्य सरकार के द्वारा एक सीओ को किसी दूरस्थ स्थान पर भी तैनात किया जा सकता है | यह एक बहुत सतर्क अधिकारी होता है, जिसके द्वारा परिस्थितियों पर तुरंत नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जाता है |


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राज्य सरकार की प्रशासनिक इकाइयों में सीओ का पद बहुत ही महत्वपूर्ण होता है | इसके द्वारा राज्य सरकार की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को पूरा किया जाता है | इसकी भूमिका जितनी अधिक सक्रीय होती है, उस क्षेत्र का विकास उतनी ही तेजी के साथ किया जाता है | इसके द्वारा विभिन्न योजनाओं और योजनाओं के कार्यान्वयन कराया जाता है | एक सर्किल ऑफिसर का एक अहम योगदान रहता है | इसके द्वारा राज्य सरकार के द्वारा जारी किये गए नियमों और कानून को सही ढंग से पालन कराना होता है | एक सफल सर्किल ऑफिसर बनने के लिए उस अभ्यर्थी को राज्य सरकार में होने प्रशासनिक कार्यों की अच्छी समझ होनी चाहिए | जिससे वह सफलता पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेगा |

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सीओ बनने के लिए योग्यता (Eligibility)

एक सर्किल अधिकारी बनने के लिए अभ्यर्थी को राज्य के लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा को उत्तीर्ण करना पड़ता है | यह परीक्षा प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) परीक्षा होती है | कुछ राज्यों में सीओ पद के लिए अलग से परीक्षा का आयोजन किया जाता है | इस परीक्षा को सर्किल ऑफिसर परीक्षा कहा जाता है | राज्यों द्वारा आयोजित होने वाली पीसीएस की परीक्षा के लिए अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी स्ट्रीम या किसी भी समकक्ष योग्यता में स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है | इसके अतिरिक्त व्यक्ति को राज्य की भाषा को सीखने, समझने, बोलने, लिखने में कुशलता होनी चाहिए |

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आयु सीमा (Age Limit)

एक सर्किल अधिकारी के लिए अभ्यर्थी की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच में होनी चाहिए | यदि अभ्यर्थी आरक्षित श्रेणी से आता है, तो उसे नियमानुसार छूट प्रदान की जाती है |

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

एक सर्किल अधिकारी का चयन प्रोविंशियल सिविल सर्विसेज (पीसीएस) परीक्षा के द्वारा किया जाता है | सर्किल अधिकारी का चयन लिखित परीक्षा (प्रारंभिक), लिखित परीक्षा (मुख्य) और व्यक्तिगत साक्षात्कार के द्वारा किया जाता है | यदि वह तीनों परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करते है | तो उनका नाम मेरिट लिस्ट में आ जाता है | मेरिट में प्राप्त अंकों के आधार पर अभ्यर्थी का चयन किया जाता है | अंकों के आधार पर ही पद का निर्धारण किया जाता है | इसके बाद उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है | सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनका चयन सर्किल अधिकारी के रूप में एक निर्धारित क्षेत्र में कर दिया जाता है |

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