आईसीएमआर (ICMR) का फुल फॉर्म क्या है

आई.सी.एम.आर (ICMR) एक निकाय है, जो भारत में जैव-चिकित्सा अनुसंधान का निर्माण करने के लिए , समन्वय और प्रोत्साहन के लिए शीर्ष  निकाय कहा जाता है।  यह एक ऐसी संस्था है, जो  विश्व के सबसे पुराने आयुर्विज्ञान संस्थानों में से एक मानी जाती हैं। वहीं इस संस्था को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वित्तीय सहायता भी प्राप्त होती है। आईसीएमआर (ICMR) परिषद का मुख्‍यालय रामलिंगस्‍वामी भवन, अंसारी नगर, नई दिल्‍ली में स्थित है।  इसके अलावा इसी संस्था से मिलती-जुलती सीडीएससीओ (CDSCO)  भी एक संस्था है, जो मुख्य रूप से दवा निर्माताओं से सामान्य रूप से उपयोग में आने वाली एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी आम जनता के लिये उपलब्ध कराने के लिए आदेश जारी करने का काम करती  है | आईसीएमआर (ICMR) की यह संस्था एक महत्वपूर्ण संस्था कही जाती है | यदि आप भी आईसीएमआर (ICMR) के विषय में जानना चाहते है, तो यहाँ पर आपको आईसीएमआर (ICMR) का फुल फॉर्म क्या है, आईसीएमआर का क्या मतलब है ? इसके विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जा रही है |

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आईसीएमआर (ICMR) का फुल फॉर्म

आईसीएमआर (ICMR) का फुल फॉर्म “भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद”  होता है, जो मुख्य रूप से सरकार द्वारा वित्त पोषित है | इसके अलावा आईसीएमआर शोध प्राथमिकताएं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करता हैं,  क्योंकि इस संस्था में संचारी रोगों पर नियंत्रण और उनका चिकित्सा प्रबन्ध, प्रजनन क्षमता नियंत्रण, मातॄ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषणज विकारों का नियंत्रण, स्वास्थ्य सुरक्षा वितरण हेतु वैकाल्पिक नीतियों का विकास, पर्यावरणी एवं एयावसायिक स्वास्थ्य समस्याओं को रोकना, कैंसर, हृदवाहिकीय रोगों अंधता, मधुमेह तथा चयापचयज एवं रुधिर विकारों जैसे प्रमुख असंचारी रोगों पर अनुसंधान, मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और औषध अनुसंधान (पारम्परिक औषधियों सहित) आदि  शामिल किये जाते है |

आईसीएमआर का क्या मतलब है ?

आईसीएमआर (ICMR) की शुरुआत प्रमुख रूप से भारत सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी और इसके साथ ही इसमें समन्वय स्थापित करने के लिए विशेष रूप से  वर्ष 1911 में ‘इंडियन रिसर्च फण्ड एसोसिएशन’ की स्थापना की गई थी। स्थापना करने के बाद इसके संगठन और इसकी गतिविधियों में  कई  प्रकार परिवर्तन भी किये गए है  और फिर जब वर्ष 1949 में इसके कार्यों  में  अत्याधिक बढ़ोत्तरी नजर आने लगी तो, इस संस्था के नाम बदलाव करके इसका नाम  ‘भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद’ (आई सी एम आर)  कर दिया गया था | 


इसके अलावा आईसीएमआर के वैज्ञानिक एवं तकनीकी मामलों  में  जैव आयुर्विज्ञान के विभिन्न विषयों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की सदस्यता में बने एक वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। यह एक ऐसा  महत्वपूर्ण बोर्ड है, जिसे मुख्य रूप से वैज्ञानिक सलाहकार दलों, वैज्ञानिक सलाहकार समितियों, विशेषज्ञ दलों, टास्क फोर्स, संचालन समितयों, आदि द्वारा सहायता प्रदान की जाती है, जो परिषद की विभिन्न शोध गतिविधियों का मूल्यांकन  करती हैं और साथ ही उन पर अपनी नजर  भी बनाये रखती है |  इसलिए यह एक महत्वपूर्ण संस्था मानी जाती है |

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आई सी एम आर के कार्य 

  1. परिषद के अंतर्गत 26 शोध संस्थान / केंद्र  होते हैं, जो आंतरिक अनुसंधान  करने का काम करते  हैं। इन शोध संस्थानों में देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित 21 मिशन-उन्मुख राष्ट्रीय संस्थान और 5 क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र भी आते हैं। मिशन-उन्मुख राष्ट्रीय संस्थान विशिष्ट स्वास्थ्य मुद्दों जैसे हैजा, कुष्ठ रोग, तपेदिक, दस्त, वायरल रोग, मलेरिया, पोषण, प्रजनन, ऑन्कोलॉजी, चिकित्सा सांख्यिकी आदि पर शोध को संबोधित  करने का काम करता है |
  2. आई सी एम आर अनुसंधान के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाता है |
  3. आई सी एम आर टास्क फोर्स अध्ययन, जो राष्ट्रीय परियोजनाएं हैं, अनुसंधान के राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार करता है |  
  4. मेडिकल कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और गैर-आईसीएमआर अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों से प्राप्त अनुदान के लिए, अनुप्रयोगों के आधार पर ओपन-एंड रिसर्च  करने का काम करता है | 
  5. ICMR, बायोमेडिकल रिसर्च में मानव संसाधन विकास को रिसर्च फेलोशिप, शॉर्ट-टर्म रिसर्च स्टूडेंटशिप, और शॉर्ट-टर्म विजिटिंग फैलोशिप और विभिन्न अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के द्वारा तेजी लाने का प्रयास करता है |

यहाँ पर हमने आपको आईसीएमआर (ICMR) के फुल फॉर्म के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई है | यदि इस जानकारी से रिलेटेड आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न या विचार आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है, हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहे है |

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