MP Ka Full Form in Hindi

एक स्टूडेंट के लिये किसी भी शब्द का फुल फॉर्म के विषय में जानकारी रखना बहुत आवश्यक होता है | यह सिर्फ ना उनके ज्ञान के लिए आवश्यक है, बल्कि छोटी- छोटी बातों को भी स्पष्टता पूर्वक समझने में सहायक होता है | इसकी जानकारी होने से मन में उठ रहे प्रश्न स्वतःही समाप्त होते चले जाते है | वर्तमान समय में प्रत्येक युवा के द्वारा रोजगार प्राप्त करने के लिए अथक मेहनत किया जा रहा है | इसके लिए उसे कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेना पड़ता है | प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी अधिक होने के कारण सभी को जॉब नहीं मिल सकती है, इसलिए हमे अधिक से अधिक फुल फॉर्म  के विषय में जानकारी होनी आवश्यक है, इस पेज पर MP Ka Full Form in Hindi , एमपी (MP) कैसे बनते है, के विषय में बताया जा रहा है |

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एमपी का फुल फॉर्म (MP Full Form)

एमपी का फुल फॉर्म  “Member of Parliament” होता है, हिंदी में इसे “संसद का सदस्य” कहते है | यह सदस्य संसद भवन में बैठते है | संसद भवन को पार्लियामेंट के नाम से जाना जाता है | यहाँ पर बैठने वाले सदस्य देश को सुदृढ़ तथा विकास की तरफ अग्रसर करने के लिए आपस मे चर्चा करके मजबूत तथा ठोस निर्णय लेते है | संसद में लोकसभा और राज्य सभा है | लोकसभा (House of the People) को “Lower House” कहा जाता है | यहाँ के सदस्यों को सीधे जनता के द्वारा चुना जाता है | लोकसभा राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखती है | भारतीय संविधान में कुल 552 सीटें  है | जिनमे 545 में से 543 सीटों पर सीधे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि है | दो सीटों पर दो प्रतिनिधियों को मनोनीत किया जाता है |

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एमपी (MP) कैसे बनते है?

भारत में “संसद के सदस्य” को “सांसद” कहा जाता हैं | यह वह व्यक्ति होते है, जो देश की जनता के द्वारा निर्वाचित होकर संसद भेजे जाते है | यह चुने गये प्रतिनिधि होते है, जो देश की जनता का प्रतिनिधित्व करते है | भारतीय शासन प्रणाली में संसदीय व्यवस्था को अपनाया गया है | इसके अंतर्गत दो सभाओं का गठन किया जाता है | जिन्हें हम “लोकसभा” तथा “राज्यसभा”के नाम से जानते है | अंग्रेजी भाषा में इन्हें  “House of the People” तथा “Council of States” के नाम से जाना जाता है | इन दोनों सभाओं के सदस्यों को Members of Parliament (MP) कहा जाता है |

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प्रत्येक पांच वर्ष में लोकसभा का चुनाव होता है | इस चुनाव में सभी प्रत्याशियों के द्वारा चुनाव लड़ा जाता है | जनता जिस प्रत्याशी को अधिक वोट देती है उसे विजेता घोषित किया जाता है | जीते हुए प्रत्याशी को सांसद कहा जाता है | यह सांसद अपने क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते है और अपने क्षेत्र के मुद्दों को संसद में उठाते है | इसके बाद इन मुद्दों का निवारण संसद के द्वारा नए नियम बना कर किया जाता है | लोकसभा का प्रमुख नेता भारत का प्रधानमंत्री होता है | लोकसभा में लिए सभी निर्णय इससे प्रभावित रहते है |

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MP (MEMBER OF PARLIAMENT) का कार्यकाल

प्रत्येक नयी लोकसभा का गठन पांच वर्ष के लिए किया जाता है | मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट का कार्यकाल भी पांच वर्ष का होता है | पांच वर्ष के उपरांत निर्वाचन आयोग के द्वारा पुनः मतदान कराये जाते है, एक बार जीते हुए प्रत्याशी पुनः जनता के द्वारा निर्वाचित हो सकते है | कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारत सरकार के द्वारा इन्हें कई प्रकार की सुविधाएँ, भत्ते और पेंशन प्रदान किये जाते है | यह लाभ इन्हें जीवन पर्यन्त प्राप्त होता रहता है |

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संसद का सदस्य बनने के लिए योग्यता (Eligibility)

संसद का सदस्य बनने के लिए योग्यता इस प्रकार है-

  • संसद का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति को भारत का नागरिक होना अनिवार्य है | .
  • लोकसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष जबकि राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष है |
  • लोकसभा के सदस्य के लिए व्यक्ति का नाम किसी भी राज्य की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है |
  • पागल व दिवालिया घोषित न किया गया हो |

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राज्यसभा सदस्य (Rajya Sabha member)

राज्यसभा सदस्य को लोकसभा और विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुना जाता है | राज्यसभा का गठन राज्य के प्रतिनिधित्व के लिए किया गया है | किसी भी विधेयक को लोकसभा और राज्य सभा दोनों से पास करना अनिवार्य रहता है | राज्यसभा को उच्च सदन कहा जाता है |

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लोक सभा एवं राज्य सभा में अंतर  

लोक सभा एवं राज्य सभा में अंतर इस प्रकार है-

लोकसभा राज्यसभा
इसके सदस्य आम जनता द्वारा वयस्क मतदान के द्वारा चुने जाते हैं | इसके सदस्य राज्य विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं |
लोक सभा का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है | यह एक स्थायी सदन है इसके 1/3 सदस्य प्रत्येक दो साल बाद अपने पद से त्याग पत्र दे देते |
इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 552 है| इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 250 है|
धन विधेयक को केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है | लोकसभा देश में शासन चलाने हेतु धन का आवंटन करता है | धन विधेयक के संबंध में राज्यसभा को अधिक शक्तियां प्रदान नहीं की गयी |
केन्द्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होते है | केन्द्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्यसभा के प्रति उत्तरदायी नहीं होती है |
लोकसभा के बैठकों की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष के द्वारा की जाती हैं | राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता उप-राष्ट्रपति के द्वारा की जाती हैं |
इसे निचला सदन या आम जनता का सदन के नाम से जाना जाता है | इसे ऊपरी सदन या ‘राज्यों की परिषद्’ के नाम से जाना जाता है |
यदि लोकसभा में कैबिनेट मंत्री द्वारा कोई विधेयक सदन में पेश किया जाता है और वह पारित नहीं हो पाता है, तो पूरी कैबिनेट को इस्तीफा देना पड़ता है | यदि कैबिनेट मंत्री द्वारा प्रस्तुत कोई विधेयक इस सदन में पारित नहीं हो पाता है, तो पूरी कैबिनेट को इस्तीफा नहीं देना पड़ता है |
भारत के राष्ट्रपति इस सदन में आंग्ल-भारतीय समुदाय के 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं | भारत के राष्ट्रपति इस सदन में कला, शिक्षा, समाजसेवा एवं खेल जैसे क्षेत्रों से संबंधित 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं |
लोकसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु-सीमा 25 वर्ष है | राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु-सीमा 30 वर्ष है |

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