ATM Ka Full Form in Hindi | ATM(एटीएम) – फुल फॉर्म हिंदी में

किसी भी देश की आर्थिक स्थिति का संचालन बैंक के द्वारा किया जाता है, आम जनता के द्वारा अपने धन को बैंक में रखा जाता है, जिससे उनका धन सुरक्षित रहे और उनके मूल धन में वृद्धि होती रहे | बैंकों द्वारा नागरिकों को कई सुविधाएँ प्रदान की जाती है | जिससे वह अपने धन का उपयोग सही ढंग से कर सकते है | वर्तमान समय में बैंकों की सुविधाएँ ऑनलाइन कर दी गयी है आप इंटरनेट बैंकिंग के द्वारा अपने धन का अदान – प्रदान कर सकते है | आप एटीएम के द्वारा अपने एकाउंट से नगद निकासी कर सकते है | इस पेज पर ATM Ka Full Form in Hindi | एटीएम (ATM) कैसे काम करता है, के विषय में बताया जा रहा है |

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एटीएम का फुल फॉर्म (ATM Full Form)

एटीएम का फुल फॉर्म “Automated Teller Machine” होता है, हिंदी में इसे “स्वचालित लेनदेन करने वाली मशीन” कहा जाता है | यह एक Electro-mechanical मशीन है, इसका प्रयोग बैंक अकाउंट से वित्तीय लेन-देन के लिये किया जाता है | साधारण भाषा में इसे एक स्वचालित लेन- देन करने वाली मशीन के रूप में जाना जाता है | यह  ऑटोमेटेड कंप्यूटराइज्ड मशीन है जिसकी सहायता से किसी भी बैंक के ग्राहक बिना किसी की सहायता से बैंकिंग ऑपरेशन्स कर सकते है |

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एटीएम का अविष्कार (ATM Innovation)

एटीएम का अविष्कार John Shepherd Baron के द्वारा किया गया था | यह स्कॉटलैंड के निवासी थे | इनका जन्म 23 जून 1925 में भारत के शिलांग (मेघालय) में हुआ था | इसके आविष्कार के पीछे एक घटना उनके साथ घटित हुई थी जिसके बाद उन्होंने इस समस्या को दूर करने का निर्णय लिया था | जॉन शेफर्ड बैरन को एक बार अपना चेक कैश कराने बैंक में जाना था लेकिन वह किसी आवश्यक कार्य की वजह से बैंक आने में लेट हो गए बैंक से उन्हें बिना कैश के वापस आना पड़ा था | वह चेक कैश न होने के कारण वह बहुत ही निराश हो चुके थे |

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वह अपने घर की तरफ वापस जाने लगे रास्ते में उन्होंने एक मशीन देखी जिसमे पैसे डालने पर चॉकलेट निकलती थी | इस चॉकलेट मशीन को देखकर उन्हें पैसे निकालने की मशीन का विचार आया था | उन्होंने विचार किया की यदि पैसे निकालने की मशीन बन जाए तो लोगों को बहुत ही आसानी होगी और लोगों को बैंक के चक्कर नहीं लगाने होंगे | इस मशीन के द्वारा दिन में कभी भी पैसे निकाले जा सकते है अथार्त सप्ताह के सातों दिन और चौबीस घंटे पैसे निकालने की सुविधा मिल सकती है | इससे बैंक के निर्धारित समय में वहां जाने की आवश्यकता नहीं होगी |

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एटीएम कैसे काम करता है  

विश्व में पहली एटीएम मशीन 27 जून 1967 में लंदन के बार्कलेज बैंक में लगाई गई थी | भारत में पहली एटीएम मशीन सितम्बर 1987 में HSBC (Hongkong and Shanghai Banking Corporation) के द्वारा लगाई गई थी | वर्तमान समय में एटीएम का उपयोग एक साधारण कार्य हो चुका है, इसका उपयोग अधिक से अधिक जनसँख्या के द्वारा किया जाता है | अधिकाँश युवा वर्ग आज के समय एटीएम के द्वारा ही अपने खाते से पैसे निकालना पसंद करते है | एटीएम मशीन को इंटरनेट की सहायता से चलाया जाता है | इंटरनेट की सहायता से यह बैंक के सर्वर से कनेक्ट रहता है | जब हम पैसे निकालने के लिए हम अपने एटीएम कार्ड को एटीएम के कार्ड रीडर स्लॉट मे डालते है, उस समय एटीएम मशीन के द्वारा हमारे बैंक एकाउंट की जानकारी को चेक किया जाता है | यह जानकारी वह एटीएम कार्ड के मैग्नेटिक स्टिक या चिप के द्वारा प्राप्त करता है | जानकारी प्राप्त करने के बाद मशीन के द्वारा आपसे आपके पिन (पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर) की मांग की जाती है |

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आप जैसे अपने पिन (पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर) को डालते है तो आपके पिन की जांच की जाती है | यदि आपका पिन सही पाया जाता है, तो आगे की प्रक्रिया करने की अनुमति प्रदान की जाती है | पिन को बैंक के सर्वर के द्वारा चेक किया जाता है | सही पिन होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया में आप पैसे का लेन- देन, बैलेंस इंक्वायरी, एक एकाउंट से दूसरे एकाउंट में पैसे का ट्रांसफर किया जा सकता है |

एटीएम से पैसे कैसे निकाले  

वर्तमान समय में अधिकतर लोगों के द्वारा एटीएम का प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन कुछ अभी भी लोग है जिनकों एटीएम का प्रयोग करने में परेशानी होती है, आप यहाँ पर बताएं गए तरीके का प्रयोग करके आसानी से एटीएम से अपने पैसे निकाल सकते है | सभी बैंक एटीएम में पैसे निकालने के ऑप्शन लगभग समान होते है | कुछ एटीएम में थोड़ा सा परिवर्तन हो सकता है |

  • पैसे निकालने के लिए सबसे पहले हमें नजदीकी बैंक एटीएम में जाना होगा, लेकिन हो सके तो उसी बैंक के एटीएम को चुने जिसमे आपका अकाउंट हो |
  • अब आपको एटीएम में जाने के बाद एटीएम मशीन के स्लॉट में अपना एटीएम कार्ड डालना होगा | कार्ड डालते समय आपको यह धयान रखना है कि कार्ड उल्टा न लगाएं |
  • कुछ एटीएम में कार्ड स्वाइप करने का ऑप्शन होता है और कुछ एटीएम में कार्ड विथड्रावल होने तक अंदर ही रखना पड़ता है |
  • अब आपको आगे की स्क्रीन पर आपको भाषा सेलेक्ट करने का ऑप्शन मिलेगा | आप अपने हिसाब से भाषा सेलेक्ट कर सकते है |
  • अब आपको स्क्रीन पर एंटर योर पिन का ऑप्शन दिखाई देगा | यहाँ पर आपको अपना पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर डालना होगा | यह पिन आपको बैंक की तरफ से प्रदान किया जाता है जिसको आप आगे चेंज भी कर सकते है | यह पिन एटीएम मशीन से भी जेनरेट किया जा सकता है |
  • अब आपको स्क्रीन पर कैश विथड्रावल का ऑप्शन दिखेगा आपको उसे सेलेक्ट करना है |
  • अब आपको एकाउंट टाइप सेलेक्ट करना है, सेविंग एकाउंट और करंट एकाउंट दोनों में से जो आपका एकाउंट है उसे सेलेक्ट करे |
  • अब आपको नेक्स्ट स्क्रीन पर एंटर एमाउंट दिखाई देगा आपको यहाँ पर अपनी आवश्यकता की धनराशि को डालना है और फिर कंटिन्यू पर क्लिक करे |
  • आप जैसे ही कंटिन्यू पर क्लिक करेंगे एटीएम से कैश निकल आएगा | इस प्रकार से एटीएम से अपने पैसे निकाल सकते है |

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